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राज्य आवास योजना गाइड

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

अगर PM Awas Yojana Gramin की केंद्रीय सूची से आपका परिवार किसी कारण छूट गया है, तो उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आपके लिए है। यह PMAY-G का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी सहायक राज्य योजना है।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) क्या है?

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित एक राज्य-स्तरीय आवास योजना है। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) में लाभार्थियों का चयन SECC 2011 डेटा, ग्राम सभा सत्यापन और केंद्रीय मानकों के आधार पर होता है। इस प्रक्रिया के बाद भी उत्तर प्रदेश में कई गरीब परिवार पात्र सूची में शामिल नहीं हो पाए। ऐसे ही परिवारों के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण शुरू की गई, ताकि केंद्रीय योजना की सीमाओं के कारण कोई भी पात्र गरीब परिवार बिना पक्के घर के न रह जाए। उत्तर प्रदेश अकेला राज्य नहीं है जिसने यह कदम उठाया – बिहार और झारखंड जैसे राज्यों ने भी PMAY-G से छूटे परिवारों के लिए अपनी समान योजनाएं शुरू की हैं।

इस योजना का मूल आधार 2018 में हुआ एक जिला-स्तरीय सर्वे है, जिससे हर जिले में एक पात्र-परिवार सूची तैयार हुई। समय के साथ राज्य सरकार इस सूची को नई पहलों (जैसे नीचे बताया “जीरो पॉवर्टी” अभियान) से जोड़कर अपडेट करती रहती है, ताकि नए छूटे परिवार भी शामिल हो सकें।

ध्यान दें: PMAY-G और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, दोनों का लाभ एक साथ नहीं मिलता। यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए है जो PMAY-G से बाहर रह गए हैं।

PMAY-G और UP योजना में फर्क

दोनों योजनाओं का लक्ष्य एक ही है गरीब ग्रामीण परिवार को पक्का घर देना, लेकिन इनका दायरा और फंडिंग स्रोत अलग है।

PMAY-Gramin
संचालनकेंद्र सरकार
लक्षित परिवारSECC/Awaas+ सूची
चयन आधारकेंद्रीय सर्वे
सहायता₹1.20-1.30 लाख
सूचीpmayg.dord.gov.in
VS
UP मुख्यमंत्री आवास योजना
संचालनराज्य सरकार
लक्षित परिवारPMAY-G से छूटे परिवार
चयन आधार2018 सर्वे + जीरो पॉवर्टी
सहायता₹1.20-1.30 लाख
सूची[जिला].nic.in

परिवार PMAY-G से क्यों छूट जाते हैं

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि केंद्रीय सर्वे प्रक्रिया में स्वाभाविक रूप से कुछ खामियां रह जाती हैं। मुख्य रूप से तीन कारणों से परिवार छूट जाते हैं।

1
सर्वे में छूट गए

SECC 2011 या बाद के सर्वे में नाम दर्ज ही नहीं हो पाया

2
दस्तावेज़ अधूरे थे

सर्वे के समय जरूरी कागज़ात उपलब्ध नहीं थे

3
पात्रता बाद में बनी

सर्वे के समय पात्र नहीं थे, अब आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर पात्र हो गए

पात्रता

इस योजना के तहत पात्रता उन्हीं परिवारों को दी जाती है जो ऊपर बताए किसी कारण से PMAY-G की केंद्रीय सूची से बाहर रह गए हों, और नीचे दी श्रेणियों में आते हों।

पात्रता में शामिल
  • बेघर परिवार, जिनके पास कोई मकान नहीं है
  • एक कच्चे कमरे वाले मकान में रहने वाले परिवार
  • जीर्ण-शीर्ण (जर्जर) या कच्चे मकान में रहने वाले परिवार
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र परिवार
  • महिला मुखिया वाले परिवार
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार
  • विशेष प्राथमिकता: दिव्यांगजन, नट जाति और कुष्ठ रोगी परिवार
यह योजना इनके लिए नहीं
  • परिवार को पहले से PMAY-G में मकान स्वीकृत हो चुका है
  • परिवार के पास पहले से पक्का मकान मौजूद है
  • परिवार शहरी क्षेत्र में निवास करता है (योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है)
भूमिहीन परिवारों के लिए: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण खासतौर पर “आवास विहीन” (बिना घर वाले) गरीब परिवारों के लिए है। ग्राम पंचायत सर्वे के आधार पर एक प्रतीक्षा सूची (PWL) तैयार करती है, जिसमें से पात्र परिवारों को आवास आवंटित किया जाता है, जमीन का मालिकाना होना अनिवार्य शर्त नहीं दिखता, हालांकि स्थानीय प्रक्रिया में यह अलग हो सकती है। सटीक जानकारी के लिए अपने ग्राम पंचायत सचिव से जरूर पूछें।
⚡ अगस्त 2026 अपडेट

“जीरो पॉवर्टी” अभियान से जुड़ाव

अब राज्य सरकार के “जीरो पॉवर्टी – उत्तर प्रदेश” अभियान के तहत चिन्हित परिवारों को अब इस योजना में प्राथमिकता के आधार पर आवास दिया जाएगा।

“जीरो पॉवर्टी” अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में चल रहा एक व्यापक राज्य-स्तरीय अभियान है, जिसके तहत सबसे गरीब परिवारों को चिन्हित कर उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। आवास इसी कड़ी की एक अहम जरूरत है, इसलिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण को इस अभियान से सीधे जोड़ा गया है।

अगर आपका परिवार जीरो पॉवर्टी अभियान में चिन्हित हुआ है: तो इस योजना के लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं, प्राथमिकता अपने आप जुड़ जाएगी। पुष्टि के लिए अपने ग्राम पंचायत सचिव या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।

सूची में अपना नाम कैसे देखें

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची हर जिले की अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अलग-अलग उपलब्ध होती है।

1
जिला वेबसाइट खोलें

अपने जिले की [जिला].nic.in साइट पर “मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)” सेक्शन खोजें

2
ब्लॉक चुनें, PDF खोलें

ब्लॉक-वार सूची में अपना ब्लॉक चुनकर PDF डाउनलोड करें, Ctrl+F से नाम खोजें

3
पंचायत से पुष्टि करें

ऑनलाइन न मिले तो ग्राम पंचायत सचिव या BDO कार्यालय से सीधे संपर्क करें

ध्यान दें: हर जिले की वेबसाइट का डिज़ाइन अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सेक्शन का नाम लगभग हर जगह “मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)” ही रहता है, सर्च बार में यही नाम टाइप करके भी सेक्शन ढूंढा जा सकता है।

सहायता राशि

इस योजना में सहायता राशि जिस श्रेणी में जो क्षेत्र आता है, उसी हिसाब से तय होती है।

₹1,20,000
सामान्य/मैदानी जिलों के लाभार्थियों के लिए
₹1,30,000
नक्सल प्रभावित जिलों (सोनभद्र, चंदौली, मिर्ज़ापुर) के लाभार्थियों के लिए
राशि निर्माण की प्रगति के साथ चरणों में DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जियो-टैगिंग सत्यापन के साथ। निर्माण की स्वीकृति जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) देती है।

ठगों से सावधान रहें

सरकार ने साफ किया है कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नाम पर पैसे लेकर फायदा दिलाने का दावा करने वाला कोई भी निजी एजेंट, फर्जी वेबसाइट, या व्यक्ति धोखेबाज़ है। यह योजना पूरी तरह मुफ्त है, किसी को भी पैसे देने की जरूरत नहीं।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़े सवाल-जवाब

क्या उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना PMAY-Gramin की जगह ले सकती है?

नहीं, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण PMAY-Gramin का विकल्प नहीं है, बल्कि उसकी सहायक राज्य योजना है – दोनों अलग-अलग हैं और अलग-अलग परिवारों को कवर करती हैं।

क्या PMAY-G में नाम होने पर भी इस योजना का लाभ मिल सकता है?

नहीं, यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए है जो PMAY-G से छूट गए हैं। दोनों योजनाओं का एक साथ लाभ नहीं मिलता। पक्का करने के लिए पहले PMAY-G पात्रता चेकर टूल से जांच लें कि आप केंद्रीय योजना में पात्र हैं या नहीं।

क्या इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म है?

नहीं, इसमें भी कोई सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। पात्रता 2018 के सर्वे और अब जीरो पॉवर्टी अभियान की पहचान प्रक्रिया के आधार पर तय होती है।

अगर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?

अपने ग्राम पंचायत सचिव या खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में लिखित रूप से संपर्क करें और अपनी पात्रता की जानकारी दें।

सहायता कहां से लें

ग्राम पंचायत सचिवअपनी सूची में नाम और स्थिति की जानकारी के लिए
खंड विकास अधिकारी (BDO)ब्लॉक कार्यालय – ब्लॉक स्तर की जानकारी और शिकायत के लिए
जिला वेबसाइट[जिला].nic.in पर “मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)” सेक्शन देखें

PMAY-G सूची भी जांच लें

पहले पक्का कर लें कि आपका नाम केंद्रीय PMAY-G सूची में तो नहीं है – फिर राज्य योजना की तरफ बढ़ें।