PM Awas Yojana – Gramin की पूरी जानकारी
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) से जुड़ी हर जानकारी एक ही जगह – लाभार्थी सूची, पात्रता, किस्त की स्थिति और शिकायत दर्ज करने का तरीका। पूरी जानकारी आधिकारिक पोर्टल के आधार पर।
pmayg.dord.gov.inकौन सी जानकारी किस पोर्टल पर मिलेगी
योजना की सामान्य जानकारी, दिशानिर्देश और राज्य-वार आंकड़ों के लिए।
pmayg.dord.gov.inलाभार्थी सूची, रजिस्ट्रेशन नंबर से खोज, किस्त की स्थिति और सोशल ऑडिट रिपोर्ट के लिए। “Stakeholders” और “Reports” मेनू से यहीं पहुंचा जाता है।
मुख्य पोर्टल के अंदर उपलब्धसर्वे में नाम न जुड़ा हो, तो इस ऐप से आधार फेस-ऑथेंटिकेशन के जरिए खुद सर्वे किया जा सकता है (सिर्फ Android)।
PMAY-G सहायता राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए निम्नलिखित आर्थिक सहायता दी जाती है:
PMAY-G पात्रता: कौन शामिल है, कौन बाहर
PMAY-G में पात्रता परिवार की आवासीय स्थिति, ग्रामीण निवास और निर्धारित सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के आधार पर तय होती है। Awaas+ 2024 के आधिकारिक पात्रता प्रश्नावली में कुल 15 जांच की जाती हैं, जिनमें परिवार की आवासीय स्थिति और अपवर्जन (Exclusion) मानदंड शामिल हैं।
इन परिवारों को PMAY-G के लिए पात्रता जांच में शामिल किया जाता है और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है
- बेघर परिवार, जिनके पास रहने के लिए कोई आश्रय नहीं है
- भिक्षा पर जीवनयापन करने वाले परिवार
- मैनुअल स्कैवेंजर (Manual Scavenger) परिवार
- Primitive Tribal Group (PTG) से संबंधित परिवार
- कानूनी रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर
- ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवार
- बेघर या कच्चे मकान में रहने वाले परिवार
- 0, 1 या 2 कमरों वाले कच्ची दीवार/छत के मकान वाले परिवार
इनमें से कोई भी निर्धारित शर्त लागू होने पर परिवार PMAY-G की पात्रता से बाहर हो सकता है
- परिवार के किसी सदस्य के पास पक्का मकान
- मकान में 2 से अधिक कमरे
- मोटराइज्ड 3/4 पहिया वाहन
- मशीनीकृत 3/4 पहिया कृषि उपकरण
- परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी
- सरकार के साथ पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम (Non-Agricultural Enterprise)
- परिवार के किसी सदस्य की मासिक आय ₹15,000 से अधिक
- परिवार का कोई सदस्य Income Tax देता हो
- परिवार का कोई सदस्य Professional Tax देता हो
- 2.5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि
- 5 एकड़ या अधिक असिंचित भूमि
PMAYG चयन प्रक्रिया
SECC 2011 डेटा
बेघर व कच्चे घर वाले परिवारों की सूची तैयार होती है
Awaas+ सर्वे
छूटे परिवार 2018/2024 सर्वे से जुड़ते हैं
स्थायी प्रतीक्षा सूची
ग्राम सभा द्वारा सत्यापित Permanent Waiting List (PWL) बनती है
वार्षिक चयन सूची
हर साल ग्रामसभा PWL से नाम चुने जाते हैं
स्वीकृति आदेश
रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ मंजूरी मिलती है
किस्त निर्माण के किस चरण में आती है
राशि एक साथ नहीं, निर्माण की प्रगति के साथ चरणों में DBT से खाते में आती है।
पहली किस्त — स्वीकृति पर
आवास स्वीकृत होते ही और आधार-बैंक लिंक सत्यापित होने पर जारी होती है।
दूसरी किस्त — नींव व प्लिंथ स्तर पर
नींव और प्लिंथ का निर्माण पूरा होने की जियो-टैगिंग सत्यापन के बाद।
तीसरी किस्त — छत/लिंटल स्तर पर
दीवारें और छत तक निर्माण पूरा होने पर।
अंतिम किस्त — मकान पूर्ण होने पर
शौचालय सहित मकान पूरी तरह बनने और अंतिम सत्यापन के बाद पूरी राशि जारी होती है।
PMAY-G से छूट गए? राज्य की अपनी आवास योजना देखें
कई राज्यों ने PMAY-G से छूटे परिवारों के लिए अपनी अलग राज्य-स्तरीय आवास योजनाएं शुरू की हैं। अगर आपका नाम केंद्रीय सूची में नहीं है, तो अपने राज्य की योजना जरूर देखें।
PMAY-G से छूटे UP के ग्रामीण परिवारों के लिए। जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़ी।
पूरी जानकारी पढ़ेंबिहार के छूटे परिवारों के लिए। ₹1.20-1.30 लाख सहायता, तीन किस्तों में।
पूरी जानकारी पढ़ें100% राज्य-वित्तपोषित। ₹2 लाख सहायता, 3 कमरों का पक्का मकान।
पूरी जानकारी पढ़ेंलाभार्थी सूची, आवेदन स्थिति, किस्त विवरण – सब आधिकारिक पोर्टल पर बिना शुल्क उपलब्ध है। “जल्दी मंजूरी” या “किस्त जल्दी दिलवाने” के नाम पर पैसे मांगने वाला कोई भी धोखेबाज़ है। GramDecode ग्रामीण विकास मंत्रालय से संबद्ध नहीं है, हम कोई आवेदन नहीं करते, न ही डेटा एकत्र करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार की आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे पात्र परिवारों को पक्का और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है, जो बेघर हैं या कच्चे/जर्जर मकान में रहते हैं। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
PMAY-G के तहत कितनी राशि मिलती है?
PMAY-G के तहत सामान्यतः मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/कठिन क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की मकान निर्माण सहायता दी जाती है। इसके अलावा शौचालय और मनरेगा जैसी संबंधित योजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त लाभ मिल सकते हैं।
PMAY-G के लिए कौन पात्र है?
मुख्य रूप से ऐसे ग्रामीण परिवार योजना के लिए पात्रता के दायरे में आते हैं जो बेघर हैं या कच्चे मकान/कमरों वाले आवास में रहते हैं, बशर्ते वे निर्धारित अपवर्जन (exclusion) मानदंडों में न आते हों। लाभार्थियों की पहचान सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध सर्वे/आवास सूची के आधार पर की जाती है।
क्या PMAY-G में लाभ पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है?
PMAY-G में लाभार्थियों का चयन केवल सामान्य रूप से ऑनलाइन फॉर्म भरने के आधार पर नहीं होता। पात्र परिवारों की पहचान सरकारी सर्वे/आवास सूची और निर्धारित सत्यापन एवं चयन प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है। Awaas+ के माध्यम से पात्र परिवारों की पहचान/डेटा अपडेट करने की प्रक्रिया भी की जाती है।
PMAY-G की राशि किसके बैंक खाते में आती है?
योजना के तहत स्वीकृत सहायता राशि लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार DBT के माध्यम से भेजी जाती है। मकान निर्माण की प्रगति के आधार पर भुगतान किस्तों में किया जा सकता है।
अगर लाभार्थी के पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है तो क्या होगा?
भूमिहीन पात्र परिवारों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है। PMAY-G के तहत भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए भी प्रावधान/व्यवस्था रखी गई है, ताकि वे योजना के तहत मकान का निर्माण कर सकें।
PMAY-G में मकान किसके नाम होता है?
PMAY-G में सामान्यतः मकान का आवंटन परिवार की महिला के नाम या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर करने की व्यवस्था है। कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे विधुर, अविवाहित या अलग रह रहे व्यक्ति के मामले में, मकान संबंधित लाभार्थी के नाम पर भी आवंटित किया जा सकता है।
PMAY-G का मकान खुद बनाना होता है या सरकार बनाकर देती है?
PMAY-G के तहत मकान सामान्यतः लाभार्थी स्वयं बनाता है या अपनी देखरेख में बनवाता है। सरकार की ओर से मकान निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है और निर्माण की प्रगति की निगरानी की जाती है। लाभार्थी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्वीकृत डिजाइन और उपलब्ध तकनीकी सहायता का उपयोग कर सकता है।
सहायता कहां से लें
योजना, पात्रता और सामान्य जानकारी से जुड़े सवालों के लिए।
किस्त न मिलने या भुगतान से जुड़ी समस्याओं के लिए।
लिखित शिकायत के लिए, या CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।