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राज्य आवास योजना गाइड

अबुआ आवास योजना (झारखंड)

अगर PM Awas Yojana Gramin की केंद्रीय सूची से आपका परिवार किसी कारण छूट गया है, तो झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना आपके लिए है। यह 100% राज्य-वित्तपोषित योजना है, जो PMAY-G से अलग तरीके से काम करती है।

15 अगस्त 2023
योजना की शुरुआत
₹2,00,000
कुल सहायता, 4 किश्तों में
3 कमरे
पक्के मकान का आकार
8 लाख
मार्च 2026 तक लक्ष्य

अबुआ आवास योजना क्या है

अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार की एक राज्य-स्तरीय आवास योजना है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 अगस्त 2023 को मोरहाबादी मैदान से की थी। “अबुआ” शब्द का मतलब स्थानीय (मुंडारी) भाषा में “अपना” होता है – यानी “अपना आवास योजना”। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) में लाभार्थियों का चयन SECC 2011 डेटा और केंद्रीय मानकों के आधार पर होता है, जिसके चलते झारखंड में भी कई गरीब और बेघर परिवार छूट गए। ऐसे ही परिवारों के लिए अबुआ आवास योजना शुरू की गई। झारखंड अकेला राज्य नहीं है जिसने यह कदम उठाया – उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों ने भी PMAY-G से छूटे परिवारों के लिए अपनी समान योजनाएं शुरू की हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए झारखंड ग्रामीण विकास विभाग ने 4.5 लाख घरों का अंतरिम लक्ष्य तय किया है, जो कुल 8 लाख घरों के बड़े लक्ष्य का हिस्सा है। इस सूची को अंतिम रूप ग्राम सभा की बैठक में दिया जाता है।

सबसे बड़ा फर्क: PMAY-G में केंद्र और राज्य दोनों मिलकर पैसा देते हैं, लेकिन अबुआ आवास योजना पूरी तरह झारखंड सरकार के अपने बजट (100% राज्य-वित्तपोषित) से चलती है। पक्का करने के लिए पहले PMAY-G पात्रता चेकर टूल से जांच लें कि आप केंद्रीय योजना में पात्र हैं या नहीं।

PMAY-G और अबुआ आवास योजना में फर्क

PMAY-Gramin
फंडिंगकेंद्र + राज्य साझा
सहायता राशि₹1.20-1.30 लाख
किश्तें3-4
मकान का आकारन्यूनतम 25 वर्ग मीटर
आवेदनAwaas+ ऐप से खुद सर्वे
VS
अबुआ आवास योजना
फंडिंग100% राज्य सरकार
सहायता राशि₹2,00,000
किश्तें4 (पहली ₹20,000)
मकान का आकार3 कमरों का मकान
आवेदनकैंप में जाकर
निर्माण की समयसीमा: PMAY-G में राज्य-वार अलग है, जबकि अबुआ आवास योजना में स्वीकृति के 1 वर्ष के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। मकान किसके नाम: PMAY-G में महिला/संयुक्त नाम को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि अबुआ आवास योजना में महिलाओं के नाम पर पंजीकरण अनिवार्य है।

अबुआ आवास योजना के लिए कौन पात्र है

इस योजना के तहत पात्रता उन्हीं परिवारों को दी जाती है जो PMAY-G की केंद्रीय सूची से बाहर रह गए हों, और झारखंड के मूल निवासी हों।

पात्रता में शामिल
  • बेघर परिवार, जिनके पास कोई मकान नहीं है
  • कच्चे या जर्जर मकान में रहने वाले परिवार
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार
  • झारखंड राज्य के मूल निवासी (डोमिसाइल) परिवार
यह योजना इनके लिए नहीं
  • परिवार को पहले से PMAY-G में मकान स्वीकृत हो चुका है
  • परिवार के पास पहले से पक्का मकान मौजूद है
  • परिवार झारखंड का मूल निवासी नहीं है
दो जरूरी शर्तें: मकान का पंजीकरण परिवार की महिला के नाम पर होना अनिवार्य है, और स्वीकृति मिलने के बाद लाभार्थी को 1 वर्ष के भीतर निर्माण पूरा करना होता है।

आवेदन कैसे करें

अबुआ आवास योजना PMAY-G या राज्य की अन्य योजनाओं से एक बड़े मामले में अलग है – इसमें खुद से ऑनलाइन आवेदन जमा करने की सुविधा नहीं है। आवेदन सिर्फ “आपकी सरकार, आपके द्वार” कैंप के जरिए, मौके पर जाकर ही किया जा सकता है।

1
कैंप का पता लगाएं

अपनी पंचायत में लगने वाले “आपकी सरकार, आपके द्वार” कैंप की तारीख ग्राम पंचायत सचिव से पूछें

2
फॉर्म लें

कैंप में मौजूद अधिकारियों से आवेदन फॉर्म मुफ्त में लें, या पोर्टल से PDF डाउनलोड करें

3
फॉर्म भरकर जमा करें

जरूरी जानकारी भरकर कैंप में मौजूद अधिकारी को जमा करें, प्राप्ति रसीद जरूर लें

4
ग्राम सभा से पुष्टि

आवेदन ग्राम सभा की बैठक में सत्यापित होकर अंतिम सूची में शामिल होता है

सूची में अपना नाम कैसे देखें

अबुआ आवास योजना का आधिकारिक पोर्टल (aay.jharkhand.gov.in) फिलहाल आम नागरिकों के लिए सिर्फ शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है – सूची या आवेदन-स्थिति ऑनलाइन खुद चेक करने का फीचर अभी उपलब्ध नहीं है (भविष्य में जोड़े जाने की बात कही गई है)।

अभी के लिए सही तरीका: सूची में अपना नाम है या नहीं, यह जानने के लिए अपनी ग्राम पंचायत सचिव या प्रखंड कार्यालय में सीधे संपर्क करें, अंतिम सूची वहीं ग्राम सभा के रिकॉर्ड में दर्ज होती है।

₹2 लाख के अलावा और क्या-क्या मिलता है

मुख्य निर्माण राशि के साथ, PMAY-G जैसी ही कुछ अतिरिक्त सुविधाएं अबुआ आवास योजना में भी जुड़ती हैं।

मनरेगा मजदूरी सहायता
95 अकुशल मानव दिवस के बराबर, निर्माण कार्य के लिए
₹25,840
शौचालय निर्माण
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से अतिरिक्त सहायता
₹12,000
ये दोनों राशियां मुख्य ₹2,00,000 से अलग हैं, यानी कुल मिलाकर लाभार्थी को इससे कहीं ज्यादा फायदा मिलता है। मनरेगा (अब VB-G RAM G Act, 2025 के तहत) की राशि अलग से श्रमिक के खाते में आती है।

₹2 लाख की मुख्य राशि कब मिलती है

1
पहली किश्त – ₹20,000

आवास स्वीकृत होने और प्लिंथ स्तर तक निर्माण पूरा होने पर

2
दूसरी किश्त

दीवारों का निर्माण एक निश्चित स्तर तक पूरा होने पर जारी होती है

3
तीसरी किश्त

छत/लिंटल स्तर तक निर्माण पूरा होने पर जारी होती है

4
अंतिम (चौथी) किश्त

मकान पूरी तरह बनने और अंतिम सत्यापन के बाद बाकी पूरी राशि जारी होती है

राशि DBT के जरिए सीधे लाभार्थी (महिला के नाम) के बैंक खाते में जमा होती है, और निर्माण की जियो-टैगिंग भी की जाती है। पूरा निर्माण स्वीकृति की तारीख से 1 वर्ष के भीतर करना अनिवार्य है।

शिकायत कैसे दर्ज करें

आधिकारिक पोर्टल पर आम नागरिकों के लिए फिलहाल यही मुख्य ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है।

aay.jharkhand.gov.in पर जाकर शिकायत दर्ज करने का विकल्प चुनें – जैसे पैसे मांगे जाने, गलत तरीके से नाम कटने, या निर्माण में गड़बड़ी जैसी समस्याओं के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर हल न हो तो यह अगला कदम है।

ठगों से सावधान रहें

अबुआ आवास योजना में आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लगता। ऐसी किसी भी मांग की शिकायत तुरंत प्रखंड कार्यालय में दर्ज कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“अबुआ” शब्द का क्या मतलब है?

“अबुआ” मुंडारी भाषा का शब्द है, जिसका हिंदी में मतलब है “अपना”। इसलिए योजना का भाव है “अपना घर, अपनी योजना”।

क्या मकान पति के नाम पर पंजीकृत हो सकता है?

नहीं, अबुआ आवास योजना में मकान का पंजीकरण परिवार की महिला के नाम पर करना अनिवार्य है। यह योजना की एक सख्त शर्त है।

1 साल में घर नहीं बना पाए तो क्या होगा?

निर्माण पूरा करने की समयसीमा 1 वर्ष रखी गई है। समय पर पूरा न होने की स्थिति में क्या नियम लागू होते हैं, इसकी सटीक जानकारी अपने प्रखंड कार्यालय से जरूर लें, क्योंकि स्थानीय परिस्थिति के अनुसार यह अलग हो सकता है।

मनरेगा वाली ₹25,840 राशि कैसे मिलती है, अलग से आवेदन करना पड़ता है?

यह राशि मनरेगा (अब VB-G RAM G) के तहत निर्माण कार्य में लगने वाली मजदूरी के बदले मिलती है, जो अबुआ आवास योजना से जुड़ी होने पर अपने आप जुड़ जाती है – इसके लिए अलग से आवेदन की जरूरत सामान्यतः नहीं पड़ती।

सहायता कहां से लें

ग्राम पंचायत सचिवकैंप की तारीख और सूची में नाम की जानकारी के लिए
प्रखंड कार्यालयआवेदन, निर्माण-समयसीमा और शिकायत के लिए
आधिकारिक पोर्टलaay.jharkhand.gov.in – ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए

PMAY-G सूची भी जांच लें

पहले पक्का कर लें कि आपका नाम केंद्रीय PMAY-G सूची में तो नहीं है – फिर राज्य योजना की तरफ बढ़ें।